मस्त हवाएँ
आ मिलोना ले चलोना
मानो महज़ मैं खिलोना
मस्त हवाएँ...
मस्त हवाएँ
व्यस्त हवाएँ
जोर से आएँ जबरदस्त हवाएँ
आंखें मेरी फड़फड़ाते
भीतर भंवर हैं उमड़ते
ठंडी आँच है
सौ रोमांच है
ज़ार ज़ार करे बर्फीली काँच है
यहाँ दौड़े
वहाँ दौड़े
बड़े बेलगाम हैं घोड़े
मस्त हवाएँ...
***
हो के हवा पे सवार
आए खुशबू किसकी
गूँजे कणों के द्वार
पे साँसों की सिसकी
दिल की ज़मीन पे बाग खिले
सपनों के वादी को गीत मिले
धडकन को रीत मिले
आ मिलोना ले चलोना
मानो महज़ मैं खिलोना
मस्त हवाएँ...
***
रेत के किले नही टिके
टूट जाएँ
निशां पाओं के नही दिखे
हैं मिट गए
बालू के शय्या
उर्मि का झूला
में गिर गिर घूमूँ
घिर घिर झुमु
नम, नर्म, नीली
ये दुनिया निराली
तन-मन प्याली
में कंपन खाली
सीपियों के सिक्कें
वक्त बन के बिके
झागों के ताज से
पैर आज सजते
आ मिलोना ले चलोना
मानो महज़ मैं खिलोना
मस्त हवाएँ...
मस्त हवाएँ
व्यस्त हवाएँ
जोर से आएँ जबरदस्त हवाएँ
आंखें मेरी फड़फड़ाते
भीतर भंवर हैं उमड़ते
ठंडी आँच है
सौ रोमांच है
ज़ार ज़ार करे बर्फीली काँच है
यहाँ दौड़े
वहाँ दौड़े
बड़े बेलगाम हैं घोड़े
मस्त हवाएँ...
***
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